Thursday, June 4, 2015

Sune Jeevan Mai

सूने जीवन में

तुम चहकती महकती
खुशी से खिली
आ जाओ बस
मेरे सूने जीवन में
तुम्हारे आने से ही
चुप्पी टूट जायेगी
जो वर्षो से
थी सधी
ज्ीवन का अंधकार
प्रकाशमय हो जायेगा
हो जायेगी भोर
थी जो गमों की,
काली रातें
वो बीत कर
सुख बरसा जायेंगी
फिर होगा
एक सुनहरा दिन
होगी सुनहरी
सुबह ओर संध्या
चारों ओर.......
खुशियां ही खुशियां
मोती सी घास पर
ओंस की बूंदे
चमका देगी आंगन मेरा।

       -ः0ः-

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